असमोली चीनी मिल परिसर में विशाल किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया

भूपेन्द्र सिंह संवाददाता

संभल (असमोली) चीनी मिल असमोली के तत्वधान में चीनी मिल परिसर में विशाल किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया इसका मुख्य उद्देश्य मानसून अक्टूबर गन्ना बुवाई लाल सड़न रोक के प्रति कृषकों को जागरूक करना रहा, गोष्ठी में जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह प्रसिद्ध कृषि विज्ञानिक डॉ विकास मलिक, चीनी मिल उपाध्यक्ष संजय शर्मा एवं वरिष्ठ प्रधान प्रबंधक आजाद सिंह द्वारा कृषकों को संबोधित किया गया।

जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि जैसे कि समिति स्तर पर सर्वे सट्टा संशोधन मेला दिनांक 16 सितंबर से 30 सितंबर तक चलाया गया। जिसमें प्राप्त शिकायतों की जांच कर उनके वास्तविक सट्टे में शीघ्र संशोधन के प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। तथा कृष को के पेराई सत्र 2021 2022 हेतु प्री कैलेंडर शीघ्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। जिसमें कृषक भाई अपनी समस्त कृषि योग्य भूमि गन्ना क्षेत्रफल बैंक खाता पर्ची आदि अति शीघ्र उसे अपने गन्ना सुपरवाइजर से मिलकर ठीक करा लें, इसके उपरांत किसी भी प्रकार का कोई संशोधन नहीं किया जाएगा।


इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ विकास मलिक द्वारा किसानों को गन्ना बीज छटाई बीज उपचार भूमि उपचार आदि के बारे में विस्तार से समझाया। किसान भाइयों को कुछ ना कुछ क्षेत्रफल मैं दूसरी प्रजाति का कम से कम कुल गन्ना क्षेत्रफल का 10 वा भाग रखना अति आवश्यक है किसान भाई अपने खेत में ट्राइकोडर्मा को सड़ी हुई गोबर की खाद से मिलाकर अंतिम जुताई पर अवश्य प्रयोग करें। जिससे कुछ हद तक लाल सड़न रोग से बचाव हो सकता है इन्होंने किसानों को फफूंदी नाशक से बीज उपचार एवं ट्राइकोडर्मा से भूमि उपचार करने के बाद ही गन्ना बुवाई करने का अनुरोध किया।


चीनी मिल के उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने सभी अतिथियों पर अधिकारियों का स्वागत करते हुए किसानों को बताया कि इस वर्ष चीनी मिल द्वारा अपनी पराई क्षमता में विस्तार किया गया है। पेराई सत्र 2021 2022 में चीनी मिल 90000 कुंटल के स्थान पर डेढ़ लाख प्रति कुंतल के दिन पेराई करेंगे। जिससे किसानों का गन्ना समय से आपूर्ति हो सकेगा और गन्ना भुगतान भी समय से प्राप्त हो सकेगा उन्होंने कृषकों से मानसून अक्टूबर गन्ना बुवाई इसमें अधिक से अधिक गन्ना बुवाई करने का अनुरोध किया। वरिष्ठ प्रधान प्रबंधक आजाद सिंह ने अपने भाषण में कृषकों को हर परिवार में ट्राइकोडर्मा तैयार करने पर बल दिया। 5 कुंटल सड़ी हुई गोबर की खाद में 2 किलोग्राम ट्राइकोडरमा मिलाकर 8 से 10 दिनों तक नमी की स्थिति में रखकर अंतिम जुताई के पूर्व खेत में मिला दें जिससे गन्ने की फसल को लाल सारण की संगत से बचाया जा सकता है। उन्होंने गन्ना बीज उपचार के लिए दो आंख के टुकड़े पहले दिन थायोफिनेट मिथाइल के घोल में डालकर अगले दिन उसकी बुराई करने की सलाह दी इन्होंने किसको को सावधान करते हुए कहा कि लाल सडन के रोग के प्रति जागरूकता ही लाल सड़न रोग को हरा कर सकती है।


इस अवसर पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक असमोली बनवारी लाल, सचिव असमोली कामता प्रसाद चीनी मिल के मुख्य गन्ना प्रबंधक सुभाष कुमार, गन्ना प्रबंधक m.a. खान, अपर गन्ना प्रबंधक संजीव कुमार, सुरेंद्र पाल सिंह उदय भान सिंह, गन्ना अधिकारी पंकज कुमार, अत्यंत त्यागी, एवं काफी संख्या में कृषकों ने भाग लिया।

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