पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर लगाई गुहार


आगरा ब्यूरो प्रताप सिंह आजाद की रिपोर्ट

आगरा। ताज नगरी में शहर और देहात क्षेत्र में आग लगने की कई घटनाएँ हो चुकी हैं। इसके बावजूद ताज नगरी में 105 इमारतें ऐसी हैं, जहाँ आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें 53 प्रमुख हॉस्पिटल भी शामिल हैं जहाँ मरीज भर्ती होते हैं। आग लगी तो वे कैसे भागेंगे?

आगरा जनपद के लाखों लोगों के हित से जुड़े इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता राजा अरिदमन सिंह ने आगरा जनपद में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम कराने के लिए उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। 



राजा अरिदमन सिंह ने लिखा है कि शहर में पहले 300 स्थानों पर आग बुझाने के हाइड्रेंट पॉइंट हुआ करते थे पर अब मात्र 14 स्थानों पर ही फायर हाइड्रेंट पॉइंट रह गए हैं। इनमें से भी तीन जगह पर यह पॉइंट काम नहीं कर रहे हैं। 

राजा अरिदमन सिंह ने पत्र के साथ आगरा के प्रमुख समाचार पत्रों में इस मुद्दे से संबंधित प्रकाशित समाचारों की कटिंग भी लगाई हैं। इन समाचारों में साफ लिखा है कि आगरा में हादसे दर हादसे के बावजूद आग बुझाने के लिए न संसाधन हैं न सतर्कता। शहर के तमाम संकरे और घने इलाकों में छोटे-छोटे कारखाने और घरों के नीचे गोदाम बने हुए हैं। कई बार यह कुटीर उद्योग शहर के लिए बारूद का ढेर साबित हो चुके हैं। इन स्थानों पर दमकलों का पहुँचना भी आसान नहीं है।



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