कड़ुआ सत्य: पारिवारिक संबंधों का प्रभाव और समाज की सच्चाई
लेखक : डॉ धर्मेन्द्र कुमार स्थान : जसवंत नगर, उत्तर प्रदेश कड़ुआ सत्य: परिवार और समाज के रिश्तों पर गंभीर सवाल कड़ुआ सत्य यह है कि किसी भी समाज की बुनियाद परिवार से बनती है। यदि माता-पिता के बीच संबंध मधुर और सम्मानपूर्ण होते हैं तो उनके बच्चों के भीतर भी अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्य विकसित होते हैं। लेकिन जब परिवार के भीतर विश्वास और मर्यादा टूटने लगती है, तो उसका असर केवल पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर दिखाई देता है। समाज में यह सर्वमान्य तथ्य है कि बच्चों का चरित्र और व्यवहार काफी हद तक माता-पिता के आचरण से प्रभावित होता है। यदि माता-पिता के बीच प्रेम, विश्वास और सहयोग का वातावरण हो, तो बच्चे भी वही सीखते हैं। वहीं दूसरी ओर जब परिवार में अविश्वास, अनैतिकता या आपसी कलह का माहौल बन जाता है, तो बच्चों के मन में भ्रम और असुरक्षा की भावना पैदा होने लगती है। पारिवारिक संस्कार और सामाजिक व्यवस्था पारिवारिक संस्कार किसी भी समाज की सबसे मजबूत नींव माने जाते हैं। यदि परिवार के बड़े सदस्य अपने कर्तव्यों और मर्यादाओं का पालन करते हैं, तो बच्चों के भीतर अनुशासन और जिम...