Bihar news : प्रशासक बने जिलाधिकारी से शहर की जल निकासी के लिये सख्त कदम की लगाई गुहार
संवाददाता मोहन सिंह बेतिया: नगर निगम की निवर्त्तमान सभापति गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि लूट खसोट और सरकारी राशि का बंदरबांट करने के उद्देश्य से नगर प्रशासन पर कब्जा करने की बीते 9 माह से जारी षड्यंत्र की अंततः हार हुई है। सरकार ने नगर निगम के बोर्ड को भंग करने के साथ डीएम को प्रशासक के रूप में अधिसूचित कर दिया है। उन्होंने कहा कि बीते 28 दिसंबर को मेरे बेतिया से बाहर होने की स्थिति में भी मेरे कथित अविश्वास पर मतदान कराया गया।
उस दौरान भी मेरी जीत होने पर मतों की हेराफेरी कर अवैधानिक तरीके से मुझे पद हटा दिया गया। फर्जी मतगणना के विरूद्ध हाईकोर्ट से री-काउंटिंग के आदेश से पाप उजागर हो जाने के भय से मतों की दुबारा गिनती पर रोक लगवाने की याचिका दायर कर रोकवा दी गयी। हाईकोर्ट में माननीय चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाले बेंच ने भी षड्यंत्र को समझते हुये कार्यकारी सभापति बने उप सभापति मोहम्मद कयूम अंसारी के वित्तीय अधिकार पर रोक लगाते हुये सुनवाई पूरी होने तक नये सभापति के चुनाव को भी उच्च न्यायालय ने रोक दिया। इसी बीच इधर सरकार ने नगर निगम बोर्ड को ही भंग कर दिया है।
सरकार के इस फ़ैसले से षड्यंत्रकारियों की करारी हार हुई है। बावजूद इसके इन लोगों के मेरी निःस्वार्थ जन सेवा बाधक बनने से नगर निगम की करीब सवा दो लाख की आबादी का भी बड़ा नुकसान होने की पीड़ा भी मुझे बहुत है। श्रीमती सिकारिया ने कहा कि चार साल से चकाचक रहे नगर निगम का क्षेत्र अब साधारण बरसात में भी डूब जा रहा है। यह स्थिति तब है जब सफाई संसाधन और आर्थिक खर्च डेढ़ से दोगुना बढ़ गया है। वास्तव में यह बीते 9 माह से जारी शहर की साफ सफाई के नाम पर लूट खसोट का परिणाम है।
निवर्त्तमान सभापति ने कहा कि नगर की जनता के साथ घात कर के इस लूट खसोट के जिम्मेदार लोगों को अब जनता की अदालत में भी निश्चित रूप से सजा मिलेगी। इसके साथ ही सत्य व न्याय के साथ नगर निगम क्षेत्र के विकास के लिये अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प निवर्त्तमान सभापति ने दुहराया। इसके साथ ही अधिसूचित नगर प्रशासक सह जिलाधिकारी से भी शहर को जल जमाव मुक्त बनाने की गुहार उनके द्वारा लगाई गई है।

Comments
Post a Comment