संजलि हत्याकांड का खुलासा

आगरा जनवाद टाइम्स :थाना मलपुरा के के गांव लालू निवासी हरेंद्र सिंह की पुत्री संजलि को पेट्रोल डाल कर अज्ञात लोगों के द्वारा 18 दिसंबर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया जो कि अशर्फी देवी इंटर कॉलेज की दसवीं की छात्रा थी. घटना के समय संजलि विद्यालय से घर वापस आ रही थी. घटना के तुरंत बाद अंजलि को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर होने पर संजलि को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रिफर कर दिया गया था. जहां पर दिनांक 19 दिसंबर को रात में संजलि ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. संजलि की मृत्यु के बाद उसके चचेरे भाई योगेश ने आत्महत्या कर ली. योगेश की हत्या करने के बाद पुलिस का इस घटना के पीछे योगेश का का हाथ होने पर संदेश चला गया हत्या . पुलिस ने  संजलि का बयान दर्ज किया था लेकिन उसने किसी का नाम नहीं लिया , जिसका मूल कारण हत्यारे जो कि बाइक पर सवार थे हेलमेट पहने हुए थे जिससे वह किसी को स्पष्ट रूप से पहचान नहीं पाई. 6 दिन की काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने पाया कि इस घटना के पीछे किसी और का नहीं बल्कि उसके चचेरे भाई योगेश का ही हाथ है. इस घटना में योगेश के साथ थाना जगदीशपुरा कलवारी गांव निवासी विजय जोकि उसका मैं मेरा भाई था और थाना सिकंदरा शास्त्रीपुरम निवासी आकाश जो संजलि की बहन का देवर  शामिल था. पुलिस ने जांच के दौरान योगेश के घर से एक प्रेम पत्र प्राप्त किया जिसके आधार पर पुलिस ने इस घटना का खुलासा किया. इस प्रेम पत्र के आधार पर स्पष्ट हो गया कि योगेश संजलि   से एकतरफा प्यार करता था. प्यार  में नाकाम होने के बाद योगेश ने इस घटना को अंजाम दिया. यह घटना लोगों और पुलिस के लिए पहेली बन गई थी कि इस घटना के का राज क्या है ? आगरा के एसएसपी अमित पाठक ने इस घटना का खुलासा 25 दिसंबर को किया. विजय और आकाश को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल मैं डाल मैं डाल दिया है . घटना के खुलासे के बाद आगरा पुलिस और एसएसपी अमित पाठक ने राहत की सांस ली.

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